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Sunday, 5 May 2013

पंडित उमेश चन्द्र पन्त एक संक्षिप्त परिचय

 
पंडित उमेश चंद्र पंत: एक संक्षिप्त परिचय

विश्वविख्यात ज्योतिषी पं. उमेश चंद्र पंत का जन्म 6 मई 1970 को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ (थल) स्थित लेजम पंत गांव में हुआ। बचपन से ही उन्हें ज्योतिष में अत्यधिक रुचि थी। वर्ष 1985 में हिंदी जगत की प्रतिष्ठित पत्रिका “कादम्बिनी” के माध्यम से उनकी ज्योतिष के प्रति रुचि और बढ़ी। उस समय कादम्बिनी में तंत्र, मंत्र और ज्योतिष पर विशेषांक नियमित रूप से प्रकाशित होते थे। पंडित जी अपने जानने वालों की जन्मपत्रिका लेकर बैठते और उपाय सुझाते, जिससे लोगों को चमत्कारिक लाभ होने लगा। लगातार ज्योतिष में गहन कार्य करने के उपरांत उन्होंने वर्ष 2000 में "पवित्र ज्योतिष" की स्थापना की। इसके साथ ही, उन्होंने अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ (पंजीकृत) से ज्योतिष की संपूर्ण पढ़ाई भी पूरी की। उनके वर्षों के अध्ययन और स्वाध्याय के साथ-साथ अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ में प्राप्त शिक्षा ने उनके ज्योतिषीय ज्ञान को और भी निखारा। वर्तमान में पंडित जी कई विश्वस्तरीय पोर्टल और पत्र-पत्रिकाओं से जुड़े हुए हैं और पूर्ण विनम्रता के साथ ज्योतिष के माध्यम से सेवा प्रदान कर रहे हैं।
 
  • शिक्षा: स्नातक और मेवाड़ विश्वविद्यालय से संबद्ध AIFAS से ज्योतिषीय विशेषज्ञता के लिए मान्यता प्राप्त।
  • व्यवसाय: संस्थापक ज्योतिषी - पवित्रज्योतिष, लेखक, उद्यमी, परोपकारी – नई दिल्ली, भारत
  • सक्रिय वर्ष: 1988 से वर्तमान
  • संगठन: पवित्रज्योतिष
  • जाने जाते हैं: भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी – सटीक कुंडली भविष्यवाणी और प्रभावी उपायों के लिए, वास्तु विशेषज्ञ, पूजा और अनुष्ठान विशेषज्ञ
  • पुरस्कार: लगातार नौ वर्षों (2017 से अब तक) से New Delhi India के ThreeBestRated® शीर्ष ज्योतिषी का खिताब, उत्कृष्ट प्रेरणा पुरस्कार 2024
  • सम्मान: ज्योतिष रत्न, ज्योतिष भूषण, ज्योतिष प्रभाकर, ज्योतिष शास्त्राचार्य और ज्योतिष ऋषि
क्षमता:

जन्मपत्री देखकर भविष्यवाणी करना; जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्र जैसे करियर, व्यवसाय, धन, प्रेम, शिक्षा, संपत्ति, व्यक्तिगत समस्याएं, शत्रु, विवाह, कुंडली मिलान, भागीदारी, सेहत, मुहूर्त, वास्तु टिप्स और वास्तु दोष से जुड़ी समस्याओं का समाधान।

उपलब्धियां:

ज्योतिष, अध्यात्म और संबद्ध विज्ञान में एक विश्वप्रसिद्ध ज्योतिषी। इन क्षेत्रों में निपुणता और ज्ञान से पिछले 36 वर्षों (वर्ष 1988 से) में हजारों लोगों की मदद की है। लोगों की सेवा और उनके जीवन को बेहतर बनाने में योगदान के लिए कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्हें ज्योतिष रत्न, ज्योतिष भूषण, ज्योतिष प्रभाकर, ज्योतिष शास्त्राचार्य और ज्योतिष ऋषि जैसी कई उपाधियों से सम्मानित किया गया है। कैरियर, व्यवसाय, धन, प्रेम, शिक्षा, संपत्ति, विवाह, पति-पत्नी संबंध, साझेदारी, भाग्य, व्यक्तिगत मामलों, स्थानांतरण, स्वास्थ्य, वास्तु, मुहूर्त आदि जीवन के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हजारों कुंडलियों का अध्ययन किया है। उन्होंने मार्गदर्शन और उपाय प्रदान किए हैं, जिससे संपर्क में आने वाले लोग एक स्वस्थ, समृद्ध और सुखी जीवन जी रहे हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। सबसे अच्छे मार्गदर्शन और अचूक उपाय के लिए निश्चित आश्वासन देते हैं। स्थानीय पत्रिकाओं और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों के लिए पिछले कई वर्षों से भविष्यवाणियां कर रहे हैं और कई अंतरराष्ट्रीय अग्रणी ज्योतिष वेबसाइटों और अन्य पोर्टलों पर ज्योतिष से संबंधित लेख भी लिखे हैं।

पारिवारिक परिदृश्य:

कुलीन ब्राह्मण परिवार से संबंधित हैं और पिछले 36 वर्षों से लोगों को ज्योतिषीय सलाह प्रदान कर रहे हैं। इस अवधि में उन्होंने हजारों कुण्डलियों का अध्ययन किया है। 36 वर्षों से ज्योतिष के अध्ययन-अध्यापन और मार्गदर्शन कार्य से जुड़े हुए हैं। आध्यात्मिकता, ज्योतिषीय ज्ञान और शक्ति गुरु एवं ईष्ट कुलदेवी माता जगदम्बा की कृपा से प्राप्त हुई है। उन्होंने भविष्यकथन के ज्योतिषीय मूलभूत सिद्धांतों पर प्रारंभिक शोध किया है। इस 36 वर्षों की अवधि में उन्होंने विभिन्न ज्योतिषीय पुस्तकों का अध्ययन किया और कई हजारों चार्ट का भी गहन अध्ययन किया है। उनके संपर्क में आने वाले भारतीय, एनआरआई और विदेशी सभी संतुष्ट हैं। वे हमेशा नए पाठ्यक्रम, सेमिनार और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल होते हैं।

अनुभव:

36 वर्ष (ज्योतिष सलाह देने का)

निपुणता:

ज्योतिष के क्षेत्र में विशाल ज्ञान होने के बावजूद, वे हमेशा अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में विश्वास रखते हैं। इसके लिए वे नियमित रूप से नए पाठ्यक्रम, सेमिनार और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। टेलीफोन, ईमेल या चैटिंग के माध्यम से भी ज्योतिषीय परामर्श प्रदान करते हैं। उनकी विशेषज्ञता कुंडली पढ़ने में है और वे करियर, व्यवसाय, पैसा, प्रेम, शिक्षा, संपत्ति, व्यक्तिगत मामलों, स्थानांतरण, शत्रु, शादी, भागीदारी, स्वास्थ्य, जीवन अध्ययन, मुहूर्त, वास्तु आदि जीवन के विभिन्न पहलुओं पर उपचारात्मक उपाय प्रदान करते हैं। उनके संपर्क में आने वाले लोग एक स्वस्थ, धनी और सुखी जीवन का आनंद ले रहे हैं। उनके सुझाए गए उपायों ने कई लोगों के जीवन को बदल दिया है। वे वैदिक ज्योतिष के आधार पर सटीक भविष्यवाणी करने में निपुण हैं। समग्र दृष्टिकोण अपनाते हुए वे जन्म कुंडली का विश्लेषण करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि भविष्यवाणी को सही और सरल भाषा में समझाया जाए। वे अपनी कुलदेवी ईष्ट जगदंबा माता के परम भक्त हैं और समस्याओं के समाधान के लिए वैदिक पूजा और उपचार विधियों पर विश्वास करते हैं।

रुचियां:

कुंडली का पूर्वानुमान, ज्योतिषीय किताबें पढ़ना, ज्योतिष लेख लिखना, मासिक पूर्वानुमान, साप्ताहिक पूर्वानुमान लिखना, लोगों को सलाह देना, ज्योतिष परामर्श के माध्यम से लोगों की मदद करना, सटीक ज्योतिषीय उपाय करना, अपने ईष्ट की दैनिक पूजा करना, धार्मिक गीत सुनना, धार्मिक पुस्तकें पढ़ना और अधिक से अधिक लोगों की मदद करना।

ज्योतिष को करियर बनाने का कारण:

कुलीन ब्राह्मण परिवार से संबंधित हैं और बचपन से ही ज्योतिष में गहरी रुचि रखते हैं। भगवान (कुलदेवी जगदम्बा माता) में गहरा विश्वास रखते हैं। जो लोग ज्योतिष में विश्वास करते हैं, उनके लिए ज्योतिषीय उपचार जीवन बदल सकता है और वे स्वस्थ, धनी और सुखी जीवन जी सकते हैं। अपने सबसे अच्छे मार्गदर्शन और सही उपाय का आश्वासन देते हैं।

Contact information Pt. Umesh Chandra Pant
Website: PavitraJyotish



Saturday, 27 April 2013

मासिक राशिफल माह मर्इ 2013 एवम् मास के व्रत, पर्व एवम त्यौहा





मास के व्रत, पर्व एवम त्यौहार:

कोकिला षष्ठी : 1 मर्इ,   शीतलाष्टमी, कालाष्टमी : 3 मर्इ,   एकादशी व्रत स्मति : 5 मर्इ,   एकादशी व्रत वैष्णव : 6 मर्इ,   प्रदोष व्रत : 7 मर्इ,    मास शिवरात्री : 8 मर्इ,   अमावस्या : 9 मर्इ,   परशुराम जयंती : 12 मर्इ,   अक्षय तृतीया / आखा तीज : 13 मर्इ,   गणेश चतुर्थी व्रत : 14 मर्इआध शंकराचार्य जयंतीसुरदास जयंती : 15 मर्इरामानुजाचार्य जयंती : 16 मर्इ,   दुर्गाष्टमी, अन्नापूर्णा अष्टमी, बगलामुखी जयंती : 18 मर्इ,   नवमी, जानकी जयंती : 19 मर्इ,   मोहिनी एकादशी व्रत : 21 मर्इ,   प्रदौष व्रत : 22 मर्इ,   श्री नृसिंह जयंती : 23 मर्इ,   पूर्णिमा व्रत : 24 मर्इ, वैशाखी पूर्णिमा पर्व, बुद्ध जयंती : 25 मर्इ,   संकष्ट हर गणेश चतुर्थी व्रत : 28 मर्इ ।

मासिक राशिफल:

1 मेष (Aries) चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ।
इस माह व्यापारिक कार्यो में वृद्धि, वांछित उन्नति होगी। काफी सारी मानसिक चिंताओं का भी निवारण होगा। विरोधी चाहकर भी किसी भी प्रकार का कार्याविरोध उत्पन्न नही कर पायेंगे। आप स्वर्ण, चाँदी आदि में भी निवेश करेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। सम्मानित भी किये जायेंगे। नजदीकी मित्रो से सहायता मिलेगी। पिछले रुके हुए कार्य बनेंगे। कर्इ माध्यमो से धन प्रापित होगी। उत्तराद्र्व में किसी काम को लेकर गम्भीर दुविधा में भी पड़ जायेंगे। परिश्रमानुसार परिणाम नहीं आयेंगे। अत्यधिक परिश्रम करना पड़ेगा। व्यावसायिक निर्णय सोच-समझकर लें। आपको कर्इ बडे मौके भी मिलेगे, जिन्हे आप अपनी उन्नति में प्रयोग कर सकते है। अनुभवी लोगो से व्यावसायिक सलाह की आवश्यतकता पड़ेंगी। स्वास्थ्य के दृष्टिष्गत भी परेशानियाँ आयेंगी किंतु मामूली होंगी। साझेदारी कार्यों में लाभ होगा। निकट जनो से मिलना होगा। नये संबंध बनेंगे। पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर चिनितत रहेंगे। मासांत में खुशखबरी मिलेगी। मर्इ माह की 3, 13, 21, 23 एवम 31 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप गणेश जी की अराधना करें एवम नित्य ''ऊँ गं गणपतये नम: का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

2 वृषभ (Taurus) उ, , , , बा, बी, बे, बो।
इस माह उच्च पद प्रापित का कार्योन्नति का प्रबल योग दिख रहा है। पारिवारिक सामंजस्य बढ़ेगा। मित्रों से वांछित सहयोग मिलेगा। यदि आप रोजगार की तलाश में है तो लाभ होगा। मास में लाभ के कर्इ बार अवसर आयेंगे। प्रथमाद्र्व में जहाँ व्ययाधिक्य होगा वहीं उत्तराद्र्व में सिथति नियंत्रण में होगी। शत्रु पक्ष से हानि हो सकती है। आर्थिक हानि की भी सम्भावना प्रतीत होती है। कर्इ प्रकार से प्रयास करने पर ही मनोनुकूल परिणाम आयेंगे। कुल मिलाकर यह माह अत्यंत खर्चीला सिद्ध होगा। कोर्इ बड़ा व्यावसायिक समझौता हो सकता है या मसौदा तैयार करने में काफी समय देंगे। किया गया परिश्रम सार्थक सिद्ध होगा। मासांत में सभी प्रकार से सुखानुभूति होगी। कारेबार में तेजी आयेगी। स्वास्थ्य सामान्यत: ठीक रहेगा। निजी जीवन में सुख वृद्धि होगी। जीवन साथी से मधुर संबंध रहेगे। किसी धार्मिक आयोजन में भाग लेंगे। कुल मिलाकर यह माह श्रेष्ठ व्यावसायिक निर्णय देगा। परिवार के किसी सदस्य में स्वास्थ्य के कारण चिनितत रहेंगे। मर्इ माह की 1, 9, 11, 19 एवम 26 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप नित्य विष्णु भगवान की अराधना करें एवम ''ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

3 मिथुन (Gemini) क, की, कू, , , , के, को, हा।
इस माह व्यापारिक एवं पारिवारिक अवरोधों में कमी आयेगी। पिछले बिगड़े हुए कार्य बनेंगे। आर्थिक संतुलन बनेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वाभिमान के कारण कार्यावरोध हटाने में कठिनार्इ आयेगी। धन प्रबंधन का भगीरथ प्रयास करेंगे। किन्ही कारणवश भविष्य को लेकर चिनितत होंगे। शत्रु पक्ष प्रभावी होने से कठिनाइयाँ भी आयेंगी। कर्इ बार परिवार में कलह की सिथतियाँ भी आयेंगी। द्रणता से ही समस्याओं का समाधान मिलेगा। साझेदारी कार्यो में हानि की संभावना रहेगी। धन की कमी बार-बार परेशानी का कारण बनेगी। आय की अपेक्षा व्यय अधिक होगा। नजदीकी दोस्त भी विश्वासधात कर जायेंगे। सार्वजनिक रुप से आपकी स्वीकारोक्ति  बिढ़ेगी। निर्णय संबंधी मामलों में सावधानी रखनी चाहिए। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। विकट सिथति के बावजूद आप आत्मविश्वास से लवा लव होंगे। लापरवाही के कारण स्वास्थ्य प्रभावित होगा। हो न हो दवाइयों पर खर्च होगा। यदि जीवन साथी के नाम से व्यवसाय करें तो लाभप्रद होगा। मर्इ माह की 4, 11, 22 एवम 31 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप गणेश जी की अराधना करें एवम नित्य ''ऊँ गं गणपतये नम: का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।
4 कर्क (Cancer) ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो।
इस माह स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ आ सकती हैं। शत्रुओं की वृद्धि होगी। समाज में मान-सम्मान में कुछ कमी आयेगी। व्यापारिक सिथतियों में भी विपरीत परिसिथतियाँ दिख रही हैं। आपके सहयोग हेतु मित्रवर्ग आगे आयेगा। धार्मिक यात्रा की सम्भावना। इस माह घटनाक्रम विपरीत जायेगा। कार्य विस्तार की योजनायें भी बनेगी। भूमि-भवन का लाभ होगा। उत्तराद्र्व में व्यावसायिक आय में वृद्धि होगी। लिये गये निर्णय प्रभावकारी सिद्ध होंगे। मासांत आते-आते आय में तेज गति से बड़ी वृद्धि होगी। कुल मिलाकर इस माह पूर्वाद्र्व की अपेक्षा उत्तराद्र्व अच्छा एवम मासांत शानदार रहेगा। किसी धार्मिक आयोजन में शिरकत करने का मौका मिलेगा। इस माह व्यय भी अधिक रहेगा। लाभदायक यात्रायें होंगी। व्यावसायिक षिट से कुछ नया करने की आवश्यकता होगी। सामान्यत: स्वास्थ्य ठीक रहेगा। उदर विकार सम्भव। परिवार में किसी व्यä कि स्वास्थ्य प्रभावित होगा। विराधियों से सावधान रहें। मर्इ माह की 2, 5, 11, 20 एवम 23 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत: सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शनि की अराधना करें एवम नित्य ''ऊँ शं शैन्नेश्चराय नम:ß का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

5 सिंह (Leo) मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे।
इस माह वाद-विवाद की सिथतियाँ उत्पन्न होंगी। व्यावसायिक कार्यो में उन्नति होगी। मित्र वर्ग आपके सहयोग हेतु आगे आयेगा। यदि आप विधार्थी हैं तो शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। वृद्वजनों का आर्शीवाद  प्राप्त होगा। प्रथमाद्र्व में आय की अपेक्षा व्ययाधिक्य होगा। यदि नवीन व्यä किे सम्पर्क में आयें तो सावधान रहना चाहिए। परिवार में कर्इ बार वाद-विवाद की सिथति उत्पन्न होगी। विगत माह की परेशानियों में कमी आयेंगी। कार्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुअवसर आयेगे, जो आगे चलकर प्रगति में सहायक होगा। उत्तराद्र्व में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन का भी मन बनेगा। मासांत में कार्य व्यवसाय में कुछ बाधायें भी आयेगी। जीवन साथी के स्वास्थ्य को लेकर चिनितत रहेंगे। छोटी यात्राओं का अनुभव अनुकूल रहेगा। वृहद आर्थिक लाभ हेतु आपको अभी कुछ और प्रयास जारी रखने होंगे। यह आपकी लाकप्रियता का भी समय है। अपच, गैस, ऐसीडीटी जैसे रोग परेशान करेंगे। व्यावसायिक रिश्ते प्रगाढ़ होंगे। नये व्यावसायिक रिश्ते निशिचत ही लाभप्रद सिद्ध होंगे। व्यावसायिक षिट से कुछ नया करने की आवश्यकता पड़ेगी। मर्इ माह की 5, 15, 24 एवम 25 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत: सावधान रहना चाहिए।  आप नित्य हनुमान जी की अराधना करें एवम ''ऊँ हं हनुमते नम: का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

6 कन्या (Virgo) टो, पा, पू, , , , पे, पी।
इस माह मान सम्मान के साथ-साथ खुशियाँ भी लेकर आयेगा। हांलाकि आप जाती हुर्इ साढेसाती, तीसरी ढैया में हैं। किंतु निशिचत ही शनिदेव की आप पर पा होगी। राजकीय कार्यो में लाभ मिलेगा। आकसिमक ऋण लेने की सिथतियाँ आयेंगी। कार्य गति में लाभ के साथ-साथ कार्य विस्तार भी होगा। नवीन कार्य व्यवसाय स्थापित होगा। यह आपकी लोकप्रियता का भी समय है। यात्रा, देशाटन का लाभ मिलेगा। विदेश यात्रा संबंधी सिथतियाँ भी दिख रही हैं। मासांत में आय के नये साधन पुन: स्थापित होंगे। किसी नजदीकी व्यä सिे धोखा हो सकता है। भाग्योदय का सही समय है। नयी व्यावसायिक संधि भी होगी। नया वाहन खरीदने का योग। भूमि भवन से लाभ होगा। जिस काम में आप हाथ डालेंगे, वह कार्य हल होगा। अत्यधिक कामकाज के कारण स्वास्थ्य नरम सा महसूस होगा। पाचन संबंधी विकार होना सम्भव। संतान के स्वास्थ्य संबंधी चिंता होगी। जीवन साथी से संबंध मधुर रहेंगे। मर्इ माह की 11, 19, 22 एवम 24 तारीखे नेष्ट फलदायक है अत: सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शिवजी की अराधना करें एवम ''ऊँ नम: शिवाय का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होगे।

7 तुला (Libra) रा, री, रू, रे, ता, ती, तू, ते।
इस माह आर्थिक लाभ अच्छा रहेगा। व्यापार की सिथति भी कुल मिलाकर अच्छी होगी। लेकिन फिर भी की गयी मेहनत के अनुसार वांछित परिणाम नही आयेंगे। यह कहना अतिशियोä निही कि आपके धैर्य की परीक्षा होगी। राजकीय कार्यों में मनोनुकूल सफलता नहीं मिलेंगी। विदेश यात्रा के प्रबल योग। यात्रा में सावधानी रखनी चाहिए। समाज में आप सम्मानित भी किये जायेंगे। भार्इ-बहनो से मेल मिलाप बढ़ेगा। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। संतान संबंधी शुभ समाचार आयेगा। पारिवारिक कलह के कारण कार्य व्यवसाय प्रभावित होगा। कर्इ मामलो में आप पर आक्षेप भी आयेंगे। शत्रु पक्ष के सक्रिय रहने से आर्थिक हानियाँ भी सम्भव। किन्ही कारणवश जीवन साथी से विवाद की सिथतियाँ आयेंगी। उत्तराद्र्व में पदोन्नति के वांछित अवसर आयेंगे। मासांत तक आपके संसाधनो में वृद्धि होगी। अचानक लाभ की मात्रा बढ़ जायेगी। कुल मिलाकर यह माह सर्वश्रेष्ठ कहा जा सकता हैं। सामान्यत: स्वास्थ्य ठीक रहेगा। घरेलू कलह से बचना चाहिए। मर्इ माह की 5, 7, 15, 17 एवम 25 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शनि की अराधना करें एवम नित्य ''ऊँ शं शैन्नेश्चराय नम:  का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

8 वृशिचक (Scorpio) तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू।
यह माह रोजगार के नये अवसर लेकर आयेगा। आर्थिक लाभ का भी योग निर्मित हो रहा है। विदेश यात्रा योग। भूमि भवन का लाभ होगा। पारिवारिक अशांति के कारण कार्य व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। निकटतम लोगो से भी विवाद की सिथतियाँ आयेंगी। व्यावसायिक कार्यों में मित्र वर्ग की मदद मिलेगी। यह महीना कार्य व्यवसाय की षिट से असाधारण जायेगा। परिश्रम की मात्रा जरुर अधिक होगी। कार्य क्षेत्र में बड़ा विस्तार दिखता है। आपको उच्च कोटि के सलाह की भी आवश्यकता होगी। साढेसाती के प्रभाव के कारण वांछित सफलता उपरान्त भी उदासीनता का भाव रहेगा। व्यवसाय में साझेदारी प्रतिकूल सिद्ध होगी। मासांत कुछ परेशानियों में भी डाल सकता है। धन निवेश लाभप्रद होगा। भूमि भवन संबंधी योजनायें बनेंगी। वाहन चलाने में सावधानी रखनी चाहिए। स्वास्थ्य सामान्यत: ठीक रहेगा किन्तु भागदौड़ के कारण शारीरिक एवम मानसिक थकान भी होगी। मासांत में पारिवारिक वातावरण सामान्यत: ठीक हो जायेगा। मर्इ माह की 3, 4, 13, 20 एवम 25 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप गणेश जी की अराधना करें एवम नित्य ''ऊँ गं गणपतये नम: का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

9 धनु (Sagittarius) ये, यो, , भी, भू, धा, फा, ढा, भे।
इस माह खर्चो की अधिकता रहेगी। मनवांछित सफलताओं का प्रतिशत बढ़ेगा। वाद-विवाद से बचना चाहिए। राजकीय कार्यों में लाभ एवम सफलता मिलेगी। जीवन साथी के नाम से किया गया कार्य व्यवसाय लाभकारी होगा। सामाजिक रुतबा बढ़ेगा। यदि आप नौकरी करते हैं तो प्रमोशन निशिचत है। यदि आप कारोबारी हैं तो वृद्धि होगा। धार्मिक यात्रा पर भी व्यय होगा। यह माह आपके लिए चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। कार्य विस्तार की भी योजनायें आपके विभाग में चल रही होंगी। नजदीकी लोगो से आपको वांछित सहयोग मिलेगा। कठोर परिश्रम कर येन-केन प्रकार आप धनार्जन पर ध्यान केनिæत करेंगे। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिलेगा। विरोधी चाहकर भी आपको हानि नहीं पहुँचा पायेंगे। उत्तराद्र्व आते आते आपके धन लाभ की मात्रा बढ़ जायेगी एवम मासांत में यह वृद्धि जारी रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। सामान्यत: स्वास्थ्य ठीक रहेगा। कमर दर्द, बदन दर्द एवम आंखों से संबंधित सामान्य दिक्कत आ सकती है। मर्इ माह की 9, 11, 19, 21 एवम 25 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप नित्य विष्णु भगवान की अराधना करें एवम ''ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

10 मकर (Capricorn) भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, , गी।
इस माह कार्य क्षेत्र में प्रगति एवम पदोन्नति होगी। राजकीय कार्य में लाभ होगा। परिवार में सामान्यत: सुख शांति रहेगी। विरोधी पक्ष बाधा उत्पन्न करने की हर सम्भव कोशिश करेंगे किन्तु मित्रों का सहयोग यह प्रयास असफल कर देगा। पग पग पर दोस्तो का सहयोग क्रय जारी रहेगा। यदि आप नया उधोग स्थापित करना चाह रहे हैं तो वांछित सफलता मिलेगी। विदेश यात्रा का योग भी निर्मित हो रहा है। भूमि भवन संबंधी कार्यों से लाभदायक प्रतिकूल मिलेंगे। यह माह कठिनाइयों से बाहर निकलने का भी साबित होगा। पुराने सम्पर्क के एवज नये सम्पर्क जुड़ेगे। अधीनस्थ व्यä द्विरा आपको मनोनुकूल समर्थन दिया जायेगा। विस्तृत कार्य योजना पर काम करेंगे जो कि फलीभूत भी होगी। पिता के स्वास्थ्य के कारण चिनितत रहेंगे। कानूनी मामलो में विजयश्री होगी। साझेदारी कार्य सोच समझकर करें। परिसिथतियाँ अनुकूल होंगी। स्वास्थ्य संबंधी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पाचन तंत्र, कब्ज एवम ऐसीडीटी से दिक्कते होंगी। आपकी संवेदनशीलता के कारण पारिवारिक सामंजस्य बना रहेगा। मर्इ माह की 4, 6, 14, 16 एवम 23 तारीखें नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप सूर्य की अराधना करें एवम ''ऊँ घृणि: सूर्याय नम: का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।
11 कुंभ (Aquarius) गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा।
इस माह कानूनी मामलों में जीत हासिल होगी। अनावश्यक भाग दौड़ में व्यस्त रहेंगे। अत्यधिक परिश्रम करना पड़ेगा। व्यवसाय में बड़ा सुधार आयेगा। यात्रा, देशाटन का लाभ मिलेगा। धार्मिक यात्रा भी होगी।  राजकाय कार्यों में मनोनुकूल सफलता मिलेगी। मित्रो का सहयोग मिलेगा। यह भी कह सकते है कि यह माह आपके लिए विशेष अवसर लेकर आयेगा। कार्यक्षेत्र में वांछित उन्नति होगी। व्यवसाय क्षमताओ का विस्तार होगा। धन जुटाने के लिए ऋण प्रबन्धन की आवश्यकता पडे़गी। यदि आप नौकरी पेशा है तो उच्चाधिकारियों के पा पात्र बनेगे। वांछित सहयोग मिलेगा। इस माह आपकी लोकप्रियता का ग्राफ भी काफी ऊँचा होगा। प्रथमार्ध  की अपेक्षा उत्तरार्द्ध ज्यादा सफल कह सकते है। नवीन व्यावसायिक साझेदारी होगी। पारिवारिक माहौल सामंजस्य पूर्ण रहेगा। माता के स्वास्थ्य के कारण चिनितत रहेंगे। कर्इ लोग आपसे जुड़ेगे। कुल मिलाकर आर्थिक व सामाजिक षिट से यह मास उत्तम रहेगा। स्वास्थ्य सामान्यत: ठीक रहेगा। ग्रीष्म प्रकृति के रोग, अपच आदि से बचें। मर्इ माह की 1, 9, 18, 20 एवम 27 तारीखे नेष्ट फलदायक है, अत: सावधान रहना चाहिए। आप नित्य विष्णु भगवान की अराधना करें एवम ''ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

12 मीन (Pisces) दी, दू, , , ¥, दे, दो, चा, ची।
इस माह स्वास्थ्य संबंधी प्रतिकूलता में कष्ट में रहेंगे। शत्रु पक्ष पीड़ा पहुँचाने का भरसर प्रयास करेगा। प्रत्येक कार्य में पारिवारिक सहयोग मिलेगा। यदि आप बेरोजगार हैं तो रोजगार प्रापित के सुअवसर कर्इ बार आयेंगे। आजीविका क्षेत्र में कठोर श्रम की आवश्यकता पड़ेगी। आर्थिक स्तिथि सुद्रण होगी। माता के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। कोर्ट कचहरी के कार्यों में सफलता मिलेगा। कोर्इ बड़ा न्यायालयीय निर्णय आपके पक्ष में जायेगा। कहीं न कहीं भाग्य वृद्धि होगी। किसी बड़ी योजना पर काम करेंगे जो कि सफल भी रहेगी। प्रथमाद्र्व में ही व्यावसायिक मामले गति पकड़ने लगेगे। उत्तराद्र्व में सिथति मध्यम किन्तु मासांत में पुन: सिथतियाँ पक्ष में होगी। नये व्यावसायिक प्रस्ताव भी आपके सामने आयेंगे। छोटी यात्राएँ शुभप्रद होंगी। कुल मिलाकर यह माह आर्थिक बाधायें हटाने में लाभप्रद रहेगा किन्तु स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। माह में लिए गये साहसिक निर्णय दूरगामी होंगे। खान पान का ध्यान रखें। स्वास्थ्य कुछ नरम रहेगा। जीवन साथी के संबंध मधुर रहेंगे। मर्इ माह की 6, 16, 17, एवम 25 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अत: सावधान रहना चाहिए। आप भगवान शिव की अराधना करें एवम ''ऊँ नम: शिवाय का नित्य जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

उमेश चन्द्र पन्त ज्योतिषाचार्य,
Celebrity Astrologer: astroyogi, ganeshaspeaks
Website: 
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Saturday, 2 March 2013

मासिक राशिफल माह मार्च 2013 – प. उमेश चन्द्र पन्त


मासिक राशिफल माह मार्च 2013 – प. उमेश चन्द्र पन्त ज्योतिषाचार्य

  1 मेष (Aries):  चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ।
इस माह संतान पक्ष से खुषी प्राप्त होगी। खर्च की अधिकता के कारण मन में खिन्नता रहेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे। मित्रों से वांछित सहयोग मिलेगा। व्यापारिक कार्यो में वांछित सफलता मिलेगी। अत्यधिक यात्राओं के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आयेंगी। किसी कानूनी विवाद के कारण भी परेशान रहेंगे। इस समय आप उचित व्यावसायिक निर्णय भी लेंगे। उत्तरार्द्ध जहाँ अच्छा जायेगा वहीं मासांत में विचित्र स्थितियाँ उत्पन्न होंगी। शत्रु पक्ष से हो रहे षडयंत्रों से सावधान रहना चाहिए। साझेदारी मामलों पर सोच समझकर ही निर्णय लें। परिवार में कलह की स्थितियाँ आयेंगी। उच्चाधिकारियों से संबंधो का लाभ मिलेगा। समाज में मान प्रतिष्ठा बड़ेगी। स्वास्थ्य संबंधी छूट पुट परेशानियाँ मुश्किलें करेंगी। उदर विकार, नेत्र विकार के कारण परेशानी होगी। परिस्थितिवश निराशा की अधिकता रहेंगी। मार्च माह की 4, 9, 16 एवम् 27 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य विष्णु भगवान की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’’ का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

 वृषभ (Taurus):  , , , , बा, बी, बे, बो।
इस माह नवीन व्यावसायिक समझौता होगा। सामाजिक दायित्व बढ़ेगा। शत्रुपक्ष से सावधान रहना चाहिए। प्रचुर मात्रा में धन की आवक होगी। भूमि व भवन से लाभ होगा। इस माह अत्यधिक परिश्रम करना होगा। पद प्रतिष्ठा का लाभ मिलेगा। किये गये परिश्रम का आपको सार्थक परिणाम मिलेगा। कोर्ट कचहरी में विजय मिलेगी। किसी खास उपलब्धि हेतु आप प्रयासरत रहेंगे। व्यावसायिक क्षेत्र में नवीन उपलब्धि होगी। व्यावसायिक उन्नति हेतु की गयी साझेदारी लाभप्रद रहेगी। उच्चाधिकारियों का वांछित सहयोग मिलेगा। महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ होने से मन अत्यन्त प्रसन्न रहेगा। संतान पक्ष से सुखद समाचार प्राप्त होगा। प्रथमार्द्ध की अपेक्षा उत्तरार्द्ध में मनोनुकूल परिणाम मिलेंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से कुछ परेशानियाँ हांेगी। पुरानी बिमारियाँ उभरकर सामने आयेंगी। रक्त विकार पाचन संस्थान संबंधी रोग परेशानी करेंगे। मार्च  माह की 7, 8, 22 एवम् 27 तारीखें नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप गणेश जी की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ गं गणपतये नमः’’ का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

 3 मिथुन (Gemini):   , की, कू, , , , के, को, हा।
इस माह रचनात्मक व सृजनात्मक कार्यो में समय व्यतीत होगा। पिछली असफलता सफलता में तबदील होगी। नवीन व्यावसायिक समझौता आपके हित में होगा। भूमि-भवन का क्रय होगा। मित्र वर्ग से अपेक्षित सहयोग मिलेगा। कई बार स्थितियाँ आपको किंकर्तव्यमिमूढ़ बना देंगी। प्रथमार्द्ध जहाँ कुछ कष्टप्रद होगा, वही उत्तरार्द्ध में आशातीत प्रगती होगी जो कि मासांत तक चलती रहेगी। इस माह आपके द्वारा कुछ नवीन प्रयोग भी क्रियान्वित होंगे। कई नये लोगो से आपका सम्पर्क बढ़ेगा। ऋण प्रबन्धन की स्थितियाँ आयेंगी। अथवा आप आर्थिक मदद की आकांक्षा रखेंगे। इस माह कई अनावश्यक खर्चो से भी जूझना पड़ेगा। छोटी-बड़ी दो तीन यात्रायें भी होंगी। जीवन साथी के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए। सर्दी, जुखाम, बुखार आदि स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। कार्य क्षेत्र में नये-नये संबंध बनेंगे। मार्च माह की 4, 14, 23 एवम् 28 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप भगवान शिव की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमः शिवाय’’ का नित्य जप करें।

 4 कर्क (Cancer):  ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो।
इस माह शुभ समाचारों की प्राप्ति होंगी। माता-पिता का वांछित सहयोग मिलेगा। विदेश यात्रा का योग। शत्रु पक्ष हानि पहुँचाने का प्रयास करेंगा। कार्यो में विघ्न उत्पन्न होंगे। धन की आवक अच्छी रहेगी जिस कारण बैंक बैलेंस सुधरेगा। व्यावसायिक क्षेत्र में उन्नति होगी। पारिवारिक दबावो के कारण कार्य क्षेत्र में व्यवधान आयेगा। अविवेकपूर्ण निर्णय लेने से बड़ी हानि हो सकती है। साझेदारी कार्यो में लाभ होगा। आकस्मिक घटनाओं का अंदेशा रहेगा। माता का स्वास्थ्य प्रभावित होगा। मित्रजनों का आवागमन मास पर्यत्न बना रहेगा। दाम्पत्य जीवन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन का भी मन बनेगा। पूर्वार्द्ध जहाँ अनुकूल रहेगा वही उत्तरार्द्ध में परिस्थितियाँ भिन्न होंगी। मार्च माह की 6, 14, 24 एवम् 29 तारीखें नेष्ट फलप्रद हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य हनुमान जी की अराधना करें एवं ‘‘ऊँ हं हनुमते नमः’’ का जप करें।

  5  सिंह (Leo):  मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे।
इस माह अनियमित दिनचर्या के कारण स्वास्थ्य प्रभावित होगा। पारिवारिक कार्यो में वृद्धि होगी। अध्ययन-अध्यापन में रुचि बढ़ेगी। वाहन प्राप्ति का योग। उच्चाटन व बाधाकारक स्थितियाँ आयेंगी। अत्यंत सावधानी से कार्य करना चाहिए। किसी भी प्रकार के विवाद से बचकर रहना चाहिए। लेन-देन को लेकर विवाद हो सकता है। कुछ अप्रत्याशित व्यावसायिक निर्णय भी आप लेगे। मनोस्थिति सुधार में अपेक्षित समय लगेगा। कार्यक्षेत्र में उच्चाधिकारियों के कोप का शिकार होना पड़ेगा। कुछ व्यावसायिक निर्णयों में त्वरित कार्यवाही की आवश्यकता पड़ेगी। गृह कलह के कारण आवश्यक कार्यो में व्यवधान देखने को मिलेंगे। मानसिक रुप से अस्वस्थ्यता महसूस होगी। उच्च रक्तचाप की परेशानियाँ भी दिखेंगी।  मार्च माह की 2, 9, 14, 21 एवम् 26 तारीखें नेष्ट फलदायक है, अतः सावधान रहना चाहिए। आप सूर्य की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ घृणिः सूर्याय नमः’’ का जप करें।

 6  कन्या (Virgo):  टो, पा, पू, , , , पे, पी।
इस माह धार्मिक व आध्यात्मिक कार्यो में रुचि बढ़ेगी। अनावश्यक व्यय होगा। व्यावसाय में नये नये अवसर एवम् लाभ प्रतिपल आते रहेंगे। कार्य स्थान में स्थितियाँ मजबूत होंगी। यदि आप नये कार्य या नौकरी की तलाश में है तो, सफलता मिलेगी। धन का आवागमन होता रहेगा। वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। व्यवसाय में आक्षेप का सामना करना होगा। कुछ नयी उपलब्धियाँ भी मिलेगी। पारिवारिक जीवन में कुछ तनावों का सामना करना पड़ेगा। धन का आवागमन होते हुए भी दबाव बना रहेगा। पारिवारिक विवादों के निपटान हेतु विशेष प्रयास करने होंगे। ऋण लेने की स्थितियाँ आयेंगी। प्रथमार्द्ध जहाँ ठीक ठाक जायेगा वहीं उत्तरार्द्ध में परेशानियाँ बढ़ेगी। स्वास्थ्य सामान्यतः नरम रहेगा। व्यवहार की असमितता के कारण रक्त चाप व मानसिक तनाव की स्थितियाँ आयेंगी। मार्च माह की 3, 9, 16, 17 एवम् 28 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य हनुमान जी की अराधना करें एवं ‘‘ऊँ हं हनुमते नमः’’ का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

 7  तुला (Libra):  रा, री, रू, रे, ता, ती, तू, ते।
इस माह राजकीय कार्यो में अनुकूल सफलता मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओ में वांछित सफलता मिलेगी। आय में न्यूनता के कारण चिन्तित रहेंगे। भूमि-भवन के कार्यो में लाभ होगा। यदि आप उच्च शिक्षा हेतु प्रयासरत हैं तो लाभ होगा। वाहन चलाने में सावधानी रखें। काम काज में कुछ बाधायें आयेंगी। पारिवारिक रिश्तो में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलेगा। व्यवसाय में आ रहे व्यवधानों को आप पहचान पायेंगे। कुल मिलाकर मास पर्यत्न यह महसूस होगा कि समस्यायें कम हुई हैं। ऋण प्रबन्धन की आवश्यकतायें भी आयेंगी। प्रथमार्द्ध उत्तरार्द्ध की अपेक्षा अच्छा रहेगा किन्तु मासांत पुनः सामान्य रहेगा। कार्य/व्यवसाय परिवर्तन भी सम्भव है। ग्रह कलेश के कारण कार्य व्यवसाय भी प्रभावित होगा। उच्चाटन के कारण कार्य एवम् स्वास्थ्य प्रभावित होगा।  कुछ लोगो से आप व्यावसायिक सम्बन्ध तोड़ना चाहेंगे। मार्च माह की 4, 8, 16, 21 एवम् 24 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य विष्णु भगवान की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’’ का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

 8 वृश्चिक (Scorpio): तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू।
इस माह में सामाजिक एवं धार्मिक क्रिया कलापों में वृद्धि होगी। मित्रो के सहयोग से व्यवसाय में वांछित सफलता मिलेगी। स्थानान्तरण भी सम्भव। समाज में सम्मान प्राप्ति या प्रशस्ति पत्र जैसी उपलब्धि मिलेगी। जीवन साथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, अचानक ही कुछ शारीरिक अस्वस्थता आ सकती है। भूमि भवन सम्बन्धी कार्य में बाधाएँ आयेंगी। संतान के कारण कुछ समस्याओ का सामना करना पड़ेगा। आर्थिक सुविधाओं में वृद्धि होगी। सही सही विकास हेतु आपको बड़ा तन्त्र स्थापित करना पड़ेगा, जो कि आगे चलकर बड़ी उन्नति में सहायक सिद्ध होगा। दैनिक गतिविधियों में व्यस्तता बढ़ जायेंगी। अच्छी आय के लिए आपको अच्छे मित्रों के सहयोग की आवश्यकता होगी जो कि आपको मिलेगा भी। नजदीक दूर की यात्राओं का योग। नये सहयोगी चुनने में सर्तकता बरतनी चाहिए। सामान्यतः स्वास्थ्य ठीक रहेगा। माता के स्वास्थ्य के कारण चिंता होगी। इस माह आर्थिक दृष्टि से काफी सुधार दिखेगा। मार्च माह की 3, 13, 18, 24 एवम् 27 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शनि की अराधना करें एवम् नित्य ‘‘ऊँ शं शैन्नेश्चराय नमःका जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

9 धनु (Sagittarius):  ये, यो, , भी, भू, धा, फा, ढा, भे।
इस माह में घटनाओं की अधिकता रहेगी। विलासिता सामाग्रियों में व्यय होगा। बारम्बार किन्ही कारणवश तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ेगा। सामाजिक कार्यो से यश वृद्धि होगी। यातायात/वाहन चालन में सावधानी रखनी चाहिए। मानसिक अशान्ति के कारण आवश्यक कार्यो में विलम्ब होगा। परिस्थितिवश आपको अच्छी सलाह की नितांत आवश्यकता होगी । आर्थिक स्थितियाँ त्रीवता से बदलेंगी। प्रथमार्द्ध एवं उत्तरार्द्ध की अपेक्षा मासान्त जटिल रहेगा। माता-पिता सम्बन्धित समस्याऐं रहेगी। व्यावसायिक साझेदारी लाभप्रद रहेगी। जीवन साथी के नाम से किया गया कार्य व्यवसाय लाभकारी सिद्ध होगा। माता-पिता के स्वास्थ्य के कारण चिंता बनी रहेंगी। बदन दर्द, गठिया, संधिवात आदि के कारण स्वास्थ्य नरम रहेगा। खान-पान के सावधानी बरतनी चाहिए। मासांत तक पारिवारिक तालमेल भी अपेक्षाकृत अनुकूल होगा। मार्च  माह की 4, 8, 23 एवम् 27 तारीखें नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप गणेश जी की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ गं गणपतये नमः’’ का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

10 मकर  (Capricorn):  भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, , गी।
इस माह व्यापारिक कार्यों को गति मिलेगी। भाग्योदयकारी स्थितियाँ आयेंगी। कार्य की गति बढ़ेगी। निकटस्थ मित्रों का वांछित सहयोग मिलने से कार्य क्षेत्र में वृद्धि होगी। जन सम्पर्क में वृद्धि होगी। यह समय आपके जीवनसाथी के भाग्योदय का भी है। विद्यार्थियों को विद्या क्षेत्र में लाभ होगा। यह माह आपके शक्ति संचय एवम् आंतरिक परीक्षण का है। कई लोगो से संबंध जुड़ने व टूटने का सिलसिला चलता रहेगा। कार्य क्षेत्र में बड़ी बाधायें नही आयेंगी। परिवार का भरपूर सहयोग मिलेगा। विलासिता व घर की साज सज्जा पर धन व्यय होगा। प्रथमार्द्ध जहाँ पूर्ववत चलेगा वही उत्तरार्द्ध में लाभ की मात्रा बढ़ जायेगी। मासांत में कई उपयोगी प्रस्ताव भी आयेंगे जो कि भविष्य में लाभकारी सिद्ध होंगे। परिवार में किसी खास बात को लेकर वाद-विवाद की स्थितियाँ आयेंगी। जीवन साथी का भरपूर सहयोग रहेगा। सामान्यतः उच्च रक्त चाप, उदर विकार आदि के कारण स्वास्थ्य प्रभावित होगा। मार्च माह की 9, 21, 27, 30 एवम् 31 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य विष्णु भगवान की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’’ का जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

11 कुंभ (Aquarius):  गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा।
इस माह व्यावसायिक कार्यो में गिरावट देखने को मिलेगी। नवीन व्यापार कार्य प्रारम्भ का भी प्रबल योग है। शत्रु पक्ष के व्यवधान के कारण कई बार कार्यावरोध होगा। प्रथमार्द्ध जहाँ भाग्यावरोध, कार्य हानि, व्यवधान में गुजरेगा वही उत्तरार्द्ध अपेक्षाकृत संतोषजनक रहेगा। अर्थ प्रबन्धन में विषमतायें देखने को मिलेगी। किसी खास के विशेष सर्मथन के भरोसे आप रहेंगे। अत्यधिक भाग दौड़ रहेगी। यात्राओं का आधिक्य होगा, जो कि व्यावसायिक एवम् निजी दोनो प्रकार की होंगी। समय पर निर्णय न ले पाने से कार्य स्थान में अवरोध/हानि के अवसर आयेंगे। उत्तरार्द्ध में सक्रियता में भी वृद्धि होगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से माह कष्टप्रद ही रहेगा। मानसिक उच्चाटन, कर्ण पीड़ा एवम् कमर का दर्द आदि से जूझना होगा। अर्थ की कमी के बावजूद आप कई कार्यो को पूरा करने का प्रयास करेंगे। मार्च माह की 7, 13, 19, 22 एवम् 29 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप भगवान शिव की अराधना करें एवम् ‘‘ऊँ नमः शिवाय’’ का नित्य जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

12 मीन (Pisces):   दी, दू, , , , दे, दो, चा, ची।
इस माह अनावश्यक मान हानि के दौर से गुजरना होगा। मान सम्मान में कमी आयेंगी। कानूनी विवादो में पड़ने का भय। कोर्ट कचहरी में विजय होगी। परिवार में अनावश्यक विवाद की स्थितियाँ उत्पन्न होंगी। आय से व्यय अधिक की स्थितियाँ रहेंगी। उत्तरार्द्ध में घरेलू व व्यावसायिक मामले में सम्मान प्राप्ति होगी। स्वभाव में तेजी रहेगी। राजकीय कार्यो में वांछित सहयोग मिलेगा। वाहन चलाने/यातायात में सावधानी रखें। संतान के कारण खुशी मिलेगी। दूसरों पर निर्भरता के कारण कई बार कार्य निष्पादन में विलम्ब होगा। प्रथमार्द्ध जहाँ जटिलता भरा रहेगा वहीं उत्तरार्द्ध आपके पक्ष में होगा। अनावश्यक व्यय के कारण, मन दुःखी रहेगा। जीवन साथी का स्वास्थ्य प्रभावित होगा। माता-पिता का आवश्यक सहयोग रहेगा। पिता के स्वास्थ्य के कारण चिन्ता होगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह माह आपके लिए भी कठिन है। उदर विकार, श्वास की तकलीफे रहेंगी। किसी प्रियजन से उपहार प्राप्ति होगी। मार्च माह की 1, 13, 22, 24 एवम् 29 तारीखे नेष्ट फलदायक हैं, अतः सावधान रहना चाहिए। आप नित्य शनि की अराधना करें एवम् नित्य ‘‘ऊँ शं शैन्नेश्चराय नमःका जप करें। शुभप्रद परिणाम प्राप्त होंगे।

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